वृश्चिक राशि का वार्षिक राशिफल
वृश्चिक · Oct 23 – Nov 21 · Water · Ruled by Mars
पौष १७, २०८२ · 2026-01-01 – 2026-12-31
वृश्चिक राशि नामाक्षर
तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
यदि आपका नाम इन अक्षरों में से किसी एक से शुरू होता है, तो जन्म समय ठीक से ज्ञात न होने पर परंपरागत रूप से वृश्चिक राशि को ही आपकी जन्म राशि (चंद्र राशि) माना जाता है।
वृश्चिक राशि का वार्षिक राशिफल
वृश्चिक राशि सतह के नीचे छिपा सत्य देखती है। निजी विषय में आज परिवार की राय भी आ सकती है; धैर्य से सुनने का अर्थ निर्णय छोड़ देना नहीं है। सबसे ज़रूरी एक काम चुनकर बाकी को थोड़ा प्रतीक्षा करने देना अच्छा रहेगा। हर यात्रा आपको कुछ बदलकर लौटाती है, होने दें।
विस्तृत राशिफल
सामान्य भविष्यवाणी
वृश्चिक राशि सतह के नीचे छिपा सत्य देखती है। कुछ समय पहले लिए निर्णय का असली फल आज चुपचाप दिखने लग सकता है। आज सब कुछ खोलकर कहना ज़रूरी नहीं, थोड़ा मौन ही अधिक साथ देगा। भाग्य मैदान बनाता है, पर अंक आपका प्रयास ही तय करता है।
स्वास्थ्य
इस अवधि की स्फूर्ति दवा से अधिक दिनचर्या की लय पर निर्भर है। आज ऊर्जा घटती-बढ़ती रह सकती है, इसलिए ज़ोर लगाने के बजाय सहज, समान गति से काम करना बेहतर लगेगा। बीस मिनट टहलने का समय निकाल सकें तो शरीर और मन दोनों शांत महसूस होंगे। समय पर देखभाल किया शरीर बाद में कम ही शिकायत करता है। इस वर्ष बृहस्पति का आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर यहाँ अतिरिक्त सावधानी माँगता है।
करियर और व्यवसाय
अभी करियर के विषय सामान्य से अधिक महत्व रखते हैं। कुछ प्रशंसा मिल सकती है, साथ में अतिरिक्त ज़िम्मेदारी भी आ सकती है, दोनों आप पर विश्वास के ही संकेत हैं। वर्तमान काम पूरा होने से पहले नई ज़िम्मेदारी आए तो थोड़ा समय माँग लेना पूरी तरह उचित होगा। अच्छे से किया कार्य अनदेखा रहकर भी विरले ही व्यर्थ जाता है।
प्रेम और रिश्ते
शुक्र आपका ध्यान निकटतम लोगों की ओर मोड़ते हैं। स्नेह सच्चा है, पर आज बात कब कही जाए यह लगभग उतना ही मायने रख सकता है जितने शब्द। कई दिनों से कहने की सोची कोई प्यारी बात मन में है तो आज कह दें, आज का दिन इसके लिए सुंदर है। रिश्ते पूर्णता से अधिक सुधार और समझौते से टिकते हैं।
धन और वित्त
आय और व्यय जहाँ मिलते हैं, वहाँ अभी स्पष्ट हिसाब रखें। आमदनी ठीक दिख रही है, पर बिना सोचे एक-दो खर्च भी दरवाज़ा खटखटा सकते हैं। बड़ी खरीद कुछ दिन रुक सकती है तो रुकने दें, या बेहतर दाम मिलेगा, या मन और स्पष्ट होगा। ईमानदारी से निभाया बजट स्वयं में समृद्धि है।
शिक्षा
काम दें तो बुध मस्तिष्क को तेज़ करते हैं। आज नई बातें जल्दी समझ आ सकती हैं, पर कल थोड़ा न दोहराया तो उतनी ही जल्दी फिसल भी सकती हैं। एक उत्तर हाथ से एक बार लिखना उसे पाँच बार पढ़ने से बेहतर याद करा देता है। धैर्य से अर्जित ज्ञान कभी छीना नहीं जाता। इस वर्ष शनि का आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर यहाँ अतिरिक्त सावधानी माँगता है।
यात्रा
दूरी की यात्रा में सोचे से अधिक समय रखें। यात्रा अपना उद्देश्य पूरा करेगी, पर रास्ते में समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है, शांत मन के लिए यह बड़ी बात नहीं। महत्वपूर्ण काग़ज़ों की प्रति दूसरे बैग या फोन में रखने में एक मिनट लगता है, पर वह पूरा दिन बचा सकती है। हर यात्रा आपको कुछ बदलकर लौटाती है, होने दें।
परिवार और घर
इस अवधि में घरेलू जीवन आपका ध्यान चाहता है। परिवार आपके साथ है; साथ में कुछ अपेक्षाएँ भी आ सकती हैं, पर दोनों एक ही प्रेम से उपजी हैं। परिवार का कोई प्रश्न दिनों से टलता आ रहा है तो आज नरम पर सीधा उत्तर मौन से बेहतर लगेगा। नियमों से अधिक धैर्य से बँधा घर लंबा टिकता है।
आध्यात्मिक विकास
स्थान दें तो मन शांति के लिए तैयार है। अभी शनि का प्रभाव तीव्रता से अधिक निरंतरता को फल देता है, महीने की एक लंबी बैठक से प्रतिदिन के पाँच शांत मिनट भारी हैं। एक दिन थोड़ा हल्का रखें, सादा भोजन, कोमल वाणी, इससे शरीर ही नहीं, शरीर से गहरी किसी चीज़ को भी विश्राम मिलता है। परिस्थिति स्थिर न हो तब भी आस्था स्थिर करती है।
वार्षिक उपाय
बृहस्पति
दिन: गुरुवारगुरुवार को "ॐ बृं बृहस्पतये नमः" का जाप करें और पीली वस्तु, चना, हल्दी अथवा पीला वस्त्र दान करें। गुरुवार का व्रत, एकादशी, गुरु नारायण तथा अपने गुरुजनों और बड़ों की पूजा, और गुरुवार मंदिर में चना अर्पित करना बृहस्पति को बलवान बनाता है। माथे पर अष्टगंध तिलक दैनिक परंपरागत सहयोग है। गुरुजनों की सेवा ही प्राचीन और श्रेष्ठ उपाय है।
मंत्र: ॐ बृं बृहस्पतये नमः
शनि
दिन: शनिवारशनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर "ॐ शं शनैश्चराय नमः" का जाप करें। शनि महाराज को सीधे सरसों का तेल अर्पित करना, तथा कौवे, कुत्ते और भैरव के स्थान पर भोजन देना शनिवार का परंपरागत अर्पण है। शनि अर्पण से नहीं, धैर्य, ईमानदार परिश्रम और वृद्ध एवं निर्धनों की सेवा से शांत होते हैं।
मंत्र: ॐ शं शनैश्चराय नमः