Skip to main content
Nepal Flag
00:00:00 AM

मीन राशि का वार्षिक राशिफल

मीन · Feb 19 – Mar 20 · Water · Ruled by Jupiter

पौष १७, २०८२ · 2026-01-01 – 2026-12-31

मीन राशि नामाक्षर

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

यदि आपका नाम इन अक्षरों में से किसी एक से शुरू होता है, तो जन्म समय ठीक से ज्ञात न होने पर परंपरागत रूप से मीन राशि को ही आपकी जन्म राशि (चंद्र राशि) माना जाता है।

शुभ अंक3, 2, 1
शुभ रंगहल्का पीलाहल्का हरा

मीन राशि का वार्षिक राशिफल

आपका जल तत्व आज शांत चिंतन का साथ देता है। जिस ओर से आस छोड़ दी थी, वहीं से छोटा अवसर आ सकता है। संध्या समय दीप जलाकर उसके पास दस मिनट शांत बैठें तो दिन का समापन सुंदर होगा। परिणाम मिश्रित हैं, अतः अपेक्षाएँ वास्तविक रखें।

विस्तृत राशिफल

सामान्य भविष्यवाणी

मीन राशि शब्द सुनने से पहले भावना समझती है। पहले टाल दी गई योजना पर दोबारा नज़र डालना आज सार्थक हो सकता है। समय, पैसा और धैर्य थोड़ा बचाकर रखेंगे तो शाम तक वह निर्णय सही लगेगा। भाग्य मैदान बनाता है, पर अंक आपका प्रयास ही तय करता है।

स्वास्थ्य

आज जल्दबाजी में खाया गया कल महसूस होगा, अभी नहीं। कई दिनों से कोई छोटी तकलीफ बनी है तो एक बार दिखा लेने से, परिणाम जो भी हो, मन को शांति मिलेगी। बीस मिनट टहलने का समय निकाल सकें तो शरीर और मन दोनों शांत महसूस होंगे। सुधार वास्तविक है पर क्रमिक, इसे रोज़ न मापें। इस वर्ष शनि का आपकी राशि से प्रथम भाव में गोचर यहाँ अतिरिक्त सावधानी माँगता है।

करियर और व्यवसाय

कार्य और पेशे में आपकी स्थिति देखी जा रही है। भूमिकाओं में बदलाव की हल्की चर्चा आसपास हो सकती है; हर अफ़वाह पर अभी प्रतिक्रिया देना ज़रूरी नहीं। पूरे भरोसे वाले व्यक्ति के साथ भी क्या तय हुआ इसका छोटा नोट रखने से काम ही नहीं, रिश्ता भी सुरक्षित रहता है। परिणाम मिश्रित हैं, अतः अपेक्षाएँ वास्तविक रखें।

प्रेम और रिश्ते

बिना मांगे दिया गया समय उपहार से अधिक याद रहता है। अतीत का कोई व्यक्ति फिर स्मृति या संपर्क में आ सकता है; उन्हें अब कितनी जगह देनी है यह निर्णय शांत मन से करें। आज कोई संवेदनशील बात उठे तो सामने वाले को पूरा कहने देने के बाद ही उत्तर दें, पूरी बातचीत का रंग बदल जाएगा। निकटता और टकराव बारी-बारी आते हैं, एक दिन से पूरा न आँकें।

धन और वित्त

आय और व्यय जहाँ मिलते हैं, वहाँ अभी स्पष्ट हिसाब रखें। सादी, धैर्यभरी बचत देखने में आकर्षक न लगे, पर महीनों की दौड़ में साथ वही निभाएगी। इस सप्ताह का खर्च मोटे तौर पर भी लिखते रहें तो अपनी ही आदत का एक रोचक स्वरूप सामने आ सकता है। परिणाम मिश्रित हैं, अतः अपेक्षाएँ वास्तविक रखें।

शिक्षा

शैक्षिक रूप से यह अवधि विस्तार से अधिक गहराई का साथ देती है। परिणाम, प्रवेश या आवेदन से जुड़ी खबर जल्द आ सकती है; जो भी हो, वह कम से कम प्रतीक्षा की बेचैनी समाप्त कर देगी। घड़ी लगाकर एक पुराना प्रश्नपत्र हल करें तो एक और दिन की पढ़ाई से अधिक अपनी तैयारी का पता चलेगा। परिणाम मिश्रित हैं, अतः अपेक्षाएँ वास्तविक रखें।

यात्रा

जाने की तैयारी जितनी ही लौटने की तैयारी भी करें। निकलने से पहले टिकट, दस्तावेज़ और बुकिंग पर एक और नज़र डाल लें तो रास्ते की बेवजह घबराहट टल जाएगी। घर में एक व्यक्ति को अपना मार्ग और लौटने का समय बताकर निकलने की पुरानी आदत आज भी उतनी ही समझदारी भरी है। हर यात्रा आपको कुछ बदलकर लौटाती है, होने दें।

परिवार और घर

बिना किसी अवसर की गई भेंट सबसे लंबे समय तक याद रहती है। आज घर ही थोड़ा ध्यान माँग सकता है, टली हुई मरम्मत या रुकी खरीद, उसे निपटाने पर मन को संतोष मिलेगा। जिन बड़ों से बहुत दिनों से बात नहीं हुई वे आपको याद कर रहे हो सकते हैं; आज का छोटा फोन उन्हें बड़ी खुशी देगा। परिणाम मिश्रित हैं, अतः अपेक्षाएँ वास्तविक रखें। इस वर्ष बृहस्पति का आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर यहाँ अतिरिक्त सावधानी माँगता है।

आध्यात्मिक विकास

चुपचाप देने से पुण्य रहता है, दिखाकर देने से खर्च होता है। आज छोटी सी सेवा, बिना कहे चुपचाप की गई सहायता, लंबे कर्मकांड से अधिक मन उजला कर सकती है। सुबह के सूर्य के साथ एक क्षण, जल का सादा अर्घ्य, एक शांत नमस्कार, पूरे दिन का स्वर कोमल कर देता है। परिस्थिति स्थिर न हो तब भी आस्था स्थिर करती है।

वार्षिक उपाय

इस वर्ष शनि की साढ़े साती चल रही है — साढ़े साती के इस चरम चरण में।

बृहस्पति

दिन: गुरुवार

गुरुवार को "ॐ बृं बृहस्पतये नमः" का जाप करें और पीली वस्तु, चना, हल्दी अथवा पीला वस्त्र दान करें। गुरुवार का व्रत, एकादशी, गुरु नारायण तथा अपने गुरुजनों और बड़ों की पूजा, और गुरुवार मंदिर में चना अर्पित करना बृहस्पति को बलवान बनाता है। माथे पर अष्टगंध तिलक दैनिक परंपरागत सहयोग है। गुरुजनों की सेवा ही प्राचीन और श्रेष्ठ उपाय है।

मंत्र: ॐ बृं बृहस्पतये नमः

शनि

दिन: शनिवार

शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर "ॐ शं शनैश्चराय नमः" का जाप करें। शनि महाराज को सीधे सरसों का तेल अर्पित करना, तथा कौवे, कुत्ते और भैरव के स्थान पर भोजन देना शनिवार का परंपरागत अर्पण है। शनि अर्पण से नहीं, धैर्य, ईमानदार परिश्रम और वृद्ध एवं निर्धनों की सेवा से शांत होते हैं।

मंत्र: ॐ शं शनैश्चराय नमः

महीनेवार दृष्टिकोण

जनव
फ़र
मार
अप्
मई
जून
जुल
अगस
सित
अक्
नवं
दिस
अनुकूल महीने: फ़रवरी
प्रतिकूल महीने: मार्च, अप्रैल